Tuesday, 17 July 2018

Column in Hindi | Satrangi Batein

सतरंगी बातें

धोबी और गधे की कहानी :  नये तरीके से 

मृणाल चटर्जीअनुवाद- इतिश्री सिंह राठौर


आप लोगोने धोबी और गधे की कहानी जरुर  सुनी होगी ! जिन्होंने नहीं सुनी या फिर सुनी है और भूल गए हैं उन्हें फिर से याद दिलाता हूं ।
  एक धोबी के पास एक गधा और एक कुत्ता था । गधा मेहनती था और कुत्ता चालाक । एक  रात को धोबी के घर चोर घुसा । कुत्ते को यह पता चला कि घर में चोर घुसा है लेकिन वह बिलकुल भी नहीं भौंका क्यांकि उस दिन धोबी ने उसे ठीक से खाना नहीं दिया था । कुत्ते  ने सोचा, चोर आए, चोरी कर ले जाए और धोबी को सकते में लाया जा सके । गधे को भी इस बात का इल्म हो गया कि घर में चौर घुसा है । उसने धोबी को सतर्क करने के लिए चिल्लाना शुरू किया ।  गधे की आवाज कड़वी था । जिसे सुनकर चोर भी चला गया । उधर धोबी भी उठ गया । चारों तरफ देखा कोई नहीं है । आधी रात को झूठमूठ चिल्लाकर उसे जगाने के लिए उसने गधे की पिटाई की । 
     इस कहानी से यह सिखने को मिलता है कि , हमेशा अपना काम करो, दूसरों के काम ने बिलकुल भी टांग मत अड़ाओ वरना खुद को भोगना पड़ेगा । अब इस कहानी का नया वर्शन पढ़िए ।
एक धोबी के पास एक गधा था और एक कुत्ता । कुत्ता चालाक था और गधा मेहनती । केवल इतना ही नहीं उसने  देश के एक नामचीन स्कूल से मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी । आधुनिक मैनेजमेंट विद्या उसे मुंहजुबानी याद थी । किसी भी हालत में कैसे बिग पिक्चर अथवा पूरा चित्र देखना पड़ता है, कैसे आउट आफ द बास्क सोचना पड़ता है-इन सभी विषयों की उसे बहुत जानकारी थी । 
     एक रात धोबी के घर में चोर घुस आया । धोबी गहरी नींद में सोया था । चालाक कुत्ते को पता चला कि घर में चोर घुसा है । लेकिन अपने मालिक को इसकी जानकारी देने के लिए वह बिलकुल भी नहीं भौंका । उसदिन धोबी ने उसे ठीक से खाना नहीं दिया था । गधे को भी चोर के घुसने की बात पता चली । उसने सोचा कि यह उसके लिए एक मौका है । वह अपनी सीमा से परे एक काम कर मालिक का नुकसान होने से बचाएगा । इससे धोबी उसकी ईमानदारी का कायल हो जाएगा और उसके काम लिए उसे पुरस्कार देगा । इसीलिए उसने चित्कार किया । इसबार चोर को भागने का मौका नहीं मिला । वह पकड़ा गया । 
  गधे के काम से धोबी खुश हुआ । धोबी ने उसे अधिक घास खाने को दिया । उसके साथ ही गुड़ और चने भी खाने को दिए । रात को ढंक कर सोने के लिए उसे कंबल दिया । धोबी ने जब देखा, गधा बहुत काम कर रहा है उसने उसे और काम दिया । गधे ने ज्यादा काम भी किया । वह सभी के सामने कहने लगा यह मेरा स्टार परफार्मर है । दूसरी तरफ कुत्ते ने देखा, उसका काम भी गधा काम भी गधा कर रहा है । इसीलिए वह आराम से दिन काटने लगा । 
  कुछ दिन गुजर जाने के बाद गधे को यह अहसास हुआ कि काम के प्रेसर में उसका रक्तचाप बढ़ता जा रहा है । उसे रात को नींद नहीं आ रही । पशु डाक्टर ने कहा है कि उसे नींद न आने की बीमारी हो गई है । जल्दी कुछ करो वरना तुम बस कुछ दिनों के महमान बन जाओगे । 
   आखिरी सूचना के अनुसार गधा एक नया मालिक और नई नौकरी ढूंढ रहा है। 
सीख- पुरानी सीख और एक बार पढ़िए । कहानी में ट्विस्ट  आ सकता है । सीख कभी नहीं बदलता । 
17.7.18
This column is published in www.hindikunj.com

http://www.hindikunj.com/2018/07/dhobi-ka-gadha.html
Translated into Hindi from original Odia by Itishree Singh Rathore
Posted on 17.7. July 2018

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